‘वबाल’ का अर्थ है—विपत्ति, आपत्ति, मुसीबत, जञ्जाल, झञ्झट। इसी के साथ फ़ारसी का जान मिलकर ‘वबालेजान’ बना है; यानी प्राणों
महान् स्वतन्त्रता सेनानी और समाजवाद के प्रतिबद्ध वक्ता डॉ. राममनोहर लोहिया का जन्म 23 मार्च, 1910 को इसी अकबरपुर क़स्बे
ऐसे लोग बड़ी सङ्ख्या में हैं, जो सवेरे-सवेरे ख़ाली पेट गुनगुने पानी में शहद और नींबू का रस मिलाकर पीते
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